मेडिकल कॉलेज के अस्थिरोग विभाग का द्वितीय स्थापना दिवस: लगभग 35 हजार मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार, अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी में शुरू हुई सर्जरी

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निःशुल्क आर्थोपेडिक इम्प्लांट सुविधा से मरीजों को राहत, जल्द शुरू होंगी ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, स्पाइन एवं आर्थोस्कोपी सर्जरी

नीमच। वीरेन्द्र कुमार सकलेचा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नीमच के अस्थिरोग विभाग द्वारा द्वितीय स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। अल्प समय में विभाग जिले के हजारों मरीजों के लिए विशेषज्ञ अस्थिरोग उपचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है तथा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

असिस्टेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट एवं विभागाध्यक्ष, अस्थिरोग विभाग, डॉ. पुनीत कुमार आचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से पूर्व गंभीर फ्रैक्चर सर्जरी, जटिल अस्थिरोग समस्याओं एवं शल्य चिकित्सा के लिए मरीजों को शहर के प्राइवेट अस्पतालों अथवा उदयपुर, इंदौर एवं अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता था। विशेषज्ञ के अभाव में जिला चिकित्सालय मात्र एक रेफरल केन्द्र था, मरीजों का शासकीय अस्पताल के इलाज में अविश्वास भी था । परन्तु जबसे मेडिकल कॉलेज आया है अधिकांश आधुनिक अस्थिरोग सेवाएं जिला चिकित्सालय नीमच में ही उपलब्ध होने से मरीजों का विश्वास पुनः बढ़ गया एवं समय, धन एवं अनावश्यक परेशानी बच रही है।
डॉ. पुनीत कुमार आचार्य ने बताया कि जब दो वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय मेंअस्थिरोग विभाग की सेवाएं प्रारंभ हुई थीं, तब विभाग में फैकल्टी असि.प्रोफ़ेसर के रूप में वे अकेले ही कार्यरत थे और उन्होंने स्वयं अकेले ही ओपीडी, भर्ती मरीजों एवं शल्य चिकित्सा सेवाओं का संचालन प्रारंभ किया था। बाद में विभाग में एक अन्य फैकल्टी सदस्य की नियुक्ति हुई, जिन्होंने कुछ महीने सेवा देकर त्यागपत्र दे दिया । वर्तमान में विभाग में फैकल्टी के रूप में केवल डॉ. पुनीत कुमार आचार्य कार्यरात हैं। सीमित मानव संसाधनों के बावजूद विभाग द्वारा रोगी सेवाओं, शल्य चिकित्सा, शिक्षण एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का निरंतर विस्तार किया गया है, जो विभाग की कार्यक्षमता एवं समर्पण को दर्शाता है।

मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद से अब तक अस्थिरोग विभाग द्वारा लगभग 35 हजार मरीजों को विशेषज्ञ उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा चुका है। विभाग में ट्रॉमा, फ्रैक्चर, बुजुर्गों में कूल्हे की हड्डी के फ्रैक्चर तथा अन्य जटिल अस्थिरोग समस्याओं का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। जून 2025 से मई 2026 तक(इस वर्ष) विभाग में लगभग 19,371 मरीजों का ओपीडी में उपचार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक है । दो सफल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी भी की गईं, जबकि पिछले वर्ष इस प्रकार की मात्र एक सर्जरी की गई थी। इसी अवधि में 246 सर्जिकल केसेस ओटी में किये गये ,लगभग 4000 पलास्टर, ड्रेसिंग, आदि अन्य अस्थिरोग प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपादित की गईं । पिछ्ले एक साल में लगभग 955 मरीजों को भर्ती कर उपचार प्रदान किया गया ।

विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही है कि जहां पूर्व में अधिकांश मरीजों को ऑपरेशन हेतु आवश्यक इम्प्लांट स्वयं खरीदकर लाने पड़ते थे, वहीं अब विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से पात्र मरीजों को निःशुल्क इम्प्लांट एवं सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को विशेष लाभ मिला है।

डॉ. आचार्य ने बताया कि मई 2026 से विभाग में अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी प्रारंभ कर दी गई है। आधुनिक तकनीक, उन्नत वेंटिलेशन प्रणाली एवं उच्च स्तरीय संक्रमण नियंत्रण सुविधाओं से युक्त यह ऑपरेशन थिएटर शहर के अनेक निजी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की तुलना में भी बेहतर है। इसके माध्यम से मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विभागाध्यक्ष एवं असिस्टेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पुनीत कुमार आचार्य ने बताया कि विभाग रोगी उपचार के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विगत दो वर्षों में विभाग से तीन सीनियर रेजिडेंट अस्थिरोग विशेषज्ञ सफलतापूर्वक अपनी एक वर्षीय सीनियर रेजिडेंसी पूर्ण कर चुके हैं। सीनियर रेजिडेंसी पूर्ण करने के पश्चात वे देश के किसी भी शासकीय अथवा निजी मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक अथवा फैकल्टी पद पर नियुक्ति हेतु पात्र हो गए हैं। यह उपलब्धि विभाग की मजबूत शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को भी दर्शाती है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि अस्थिरोग विभाग न केवल जिले की जनता को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान कर रहा है, बल्कि भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं मेडिकल शिक्षकों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि विभाग की निरंतर प्रगति में चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्तमान में विभाग में सीनियर रेजिडेंट डॉ. अतुल सोलंकी, डॉ. अनुराग चौधरी एवं डॉ. हितेश रणसरिया विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत कुमार आचार्य के मार्गदर्शन में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं तथा रोगियों को बेहतर उपचार एवं शल्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

इस द्वितीय स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि डीन प्रो. डॉ. आदित्य बैराड़ एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र पाटिल थे । कार्यक्रम में डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रीति सिंह, अस्सिटेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ.पुनीत कुमार आचार्य, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन डॉ. विनय वर्मा, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न्स, नर्सिंग ऑफिसर तथा विभाग के अन्य समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र पाटिल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा अस्थिरोग विभाग में उन्नत एवं सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग में उपलब्ध वर्तमान सेवाओं के अतिरिक्त ज्वाइंट रिप्लेसमेंट (घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण), स्पाइन सर्जरी तथा आर्थोस्कोपी (दूरबीन द्वारा जोड़ों की सर्जरी) हेतु आवश्यक इम्प्लांट एवं उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है। इन सेवाओं के प्रारंभ होने के पश्चात जिले के मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण, रीढ़ की हड्डी की जटिल सर्जरी तथा खेल चोटों एवं लिगामेंट संबंधी रोगों के उपचार हेतु बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता और भी कम हो जाएगी। इससे जिलेवासियों को अपने ही शहर में आधुनिक एवं विशेषज्ञ अस्थिरोग उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख अतिथि डीन प्रो. डॉ. आदित्य बैराड़ ने अंत में अपने उद्बोधन में विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि अल्प समय में अस्थिरोग विभाग ने जिले की जनता का विश्वास अर्जित किया है तथा भविष्य में और अधिक उन्नत सेवाओं के माध्यम से यह विभाग क्षेत्र का अग्रणी अस्थिरोग केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

दो वर्षों में अस्थिरोग विभाग ने नीमच जिले में विशेषज्ञ अस्थिरोग सेवाओं की मजबूत नींव स्थापित की है। निःशुल्क इम्प्लांट सुविधा, अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा शीघ्र प्रारंभ होने वाली ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, स्पाइन एवं आर्थोस्कोपी सेवाएं जिले की जनता को और अधिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेंगी।

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