नयागांव पुलिस की NDPS कार्रवाई पर उठते सवाल, प्रेस नोट तक सीमित क्यों रह जाता है खुलासा? बाहरी तस्करों पर कार्यवाही, देने―लेने वाले तस्कर गायब, कैसे होगा नशामुक्त जिला?
नीमच। जिले के जावद थाना क्षेत्र की नयागांव चौकी पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इन मामलों में कार्रवाई के बाद आगे क्या हुआ, इसका पूरा खुलासा सामने नहीं आ पाता। कई मामलों में केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक ही जानकारी सीमित रह जाती है, जबकि मुख्य सप्लायर, नेटवर्क और धारा 8/29 के तहत संभावित सह-आरोपियों को लेकर सवाल अधूरे रह जाते हैं।
एक नजर पुलिस की एनडीपीएस कार्यवाही पर―
हाल ही में 17 मई को नयागांव चौकी पुलिस ने जावद-नयागांव रोड़ स्थित ढाबा माता मंदिर पुलिया के पास नाकाबंदी के दौरान एक मारूति स्विफ्ट कार से 1 किलो 784 ग्राम अवैध अफीम जब्त कर आरोपी सुरेश मालवीय निवासी चडौली नीमच को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मामला भी दर्ज कर विवेचना शुरू करने की बात कही गई थी।
लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अवैध अफीम आखिर आरोपी तक कैसे पहुंची? इसका स्रोत क्या था? आरोपी इसे कहां सप्लाई करने जा रहा था? इसके पीछे कौन लोग शामिल थे? इन बिंदुओं पर पुलिस की ओर से अब तक कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ऐसा ही एक मामला बीते 3-4 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात का सामने आया था, जब नयागांव पुलिस ने रेलवे फाटक के पास नाकाबंदी के दौरान एक आई-20 कार से 500 ग्राम एमडीएमए और 15 किलो डोडाचूरा जब्त कर कार चालक आरोपी राजूराम जाट निवासी नागौर राजस्थान को गिरफ्तार किया था। उस समय भी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/15 एवं 22 के तहत प्रकरण दर्ज कर “अनुसंधान जारी” होने की बात कही थी।
हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि मामले में अवैध मादक पदार्थ किस नेटवर्क के माध्यम से आ रहा था, इसके पीछे मुख्य तस्कर कौन थे, और क्या पुलिस ने धारा 8/29 (षड्यंत्र/सहभागिता) के तहत अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई या नहीं।
तस्करों की क़मर तोड़, संपत्ति होगी फ़्रिज, नशा मुक्त होगा जिला- आईजी
बीते दिनों नीमच में IG राकेश गुप्ता ने दौरा कर अधिकारियों की बैठक में लंबे समय से तस्करी के अपराध में लिप्त तस्करों की अवैध संपत्ति को फ्रिज करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पूर्व के तस्करों की जमानत याचिका निरस्त, और पीठ एनडीपीएस जैसी कड़ी कार्यवाही की बात कही थी।
ऐसे में बड़ा सवाल हैं कि जब जिले की पुलिस केवल सप्लायर और बाहरी तस्करों पर कार्यवाही का खुलासा करती हैं तो जिले के तस्करों पर कार्यवाही का खुलासा क्यों नहीं हो पाता?
क्षेत्र में यह चर्चा भी आम है कि एनडीपीएस मामलों में अक्सर केवल वाहन चालक, सप्लायर या कथित बिचौलियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित रह जाती है, जबकि बड़े नेटवर्क तक पहुंचने या मुख्य तस्करों के खुलासे की जानकारी सार्वजनिक नहीं होती। हर कार्रवाई के बाद विवेचना जारी का प्रेस नोट जारी होता है, लेकिन उसके बाद की कार्रवाई आमजन के सामने शायद ही आ पाती है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या नशे के खिलाफ अभियान केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित है, या फिर इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई हो रही है? यदि मुख्य तस्करों तक कार्रवाई पहुंचती है, तो उसका सार्वजनिक खुलासा क्यों नहीं किया जाता?
इनका कहना……
वही जब नयागांव पुलिस द्वारा की गई एनडीपीएस कार्यवाही की जानकारी लेने नयागांव चौकी प्रभारी मंगल सिंह राठौड़ से 9009772213 इस नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया।
वही जावद एसडीओपी रोहित राठौर से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि एनडीपीएस कार्यवाही में ओर भी आरोपी बनाए जाते हैं, जिसकी जानकारी के लिए भी कहा जायेगा।
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