फॉलोअप―”प्रधान आरक्षक ज़हरकांड”: बेटी ने की DGP से उच्चस्तरीय जांच की मांग, अफसरों पर सवाल बरकरार, सोशल मीडिया के ज़रिए न्याय की गुहार, लगाए गंभीर आरोप

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नीमच। पुलिस लाइन नीमच में पदस्थ रहे हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह यादव की खुदकुशी मामले में नया मोड़ आया हैं। मृतक की पुत्री अर्पिता यादव ने पुलिस मुख्यालय भोपाल में डीजीपी को संबोधित एक विस्तृत आवेदन सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) के ज़रिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन में सुसाइड नोट का भी ज़िक्र कर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अर्पिता यादव ने अपने आवेदन में दावा किया है कि उनके पिता ने आत्महत्या से पूर्व एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। अर्पिता के आरोप हैं कि जब परिवार ज्ञानोदय अस्पताल में था, तब कॉलोनी की एक महिला कोमल कथित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर उनके घर से सुसाइड नोट ले गई। बाद में मीडिया में मामला उछलने के बाद वह नोट वापस लौटा दिया गया। अर्पिता ने सवाल उठाया है कि आखिर वह “वरिष्ठ अधिकारी” कौन थे, जिन्होंने सुसाइड नोट मंगवाया?

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग―

सोशल मीडिया पर प्रेषित आवेदन में यह भी कहा गया है कि घटना से पहले कंट्रोल रूम नीमच और अजाक थाने में उनके पिता के साथ कथित रूप से हाथापाई और मारपीट हुई थी। अर्पिता ने दोनों स्थानों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और परिवार को उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार के आरोप―

अर्पिता का दावा है कि सुसाइड नोट में वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और मजिस्ट्रियल जांच की मांग करते हुए यह भी प्रश्न उठाया है कि भोपाल स्थित बंगले पर नीमच जिले से कितने पुलिसकर्मी सेवा दे रहे हैं।

स्वास्थ्य और ड्यूटी को लेकर तनाव―

मृतक पुलिसकर्मी की बेटी अर्पिता के आरोप हैं कि प्रधान आरक्षक यादव कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उबर चुके थे और उनका हर्निया ऑपरेशन भी हुआ था। उन्होंने कई बार हल्की ड्यूटी की मांग की थी, लेकिन उन्हें कथित रूप से राहत नहीं दी गई। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि ट्रेजरी गार्ड पर वर्षों से कुछ कर्मचारियों की “सेटिंग” चल रही थी, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे।

मोबाइल और सुसाइड नोट से छेड़छाड़ न हो…

परिवार का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर उन्होंने मृतक का मोबाइल फोन और सुसाइड नोट एक हेड कांस्टेबल को सौंपा है। उन्होंने आशंका जताई है कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो, इसकी गारंटी दी जाए।

एसपी पर पूर्वाग्रह का आरोप―

अर्पिता यादव ने सोशल मीडिया के हवाले से आरोप लगाया है कि नीमच एसपी द्वारा उनके पिता को “कमजोर बुद्धि” और “पुराना रिकॉर्ड खराब” बताने की बातें कही जा रही हैं। उसका कहना है कि बड़े अफसरों के नाम सामने आने स्थानीय पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए उन्होंने मांग की है कि जांच दूसरे जिले या स्वतंत्र एजेंसी को दी जाए।

तथ्यों के आधार पर होगी निष्पक्ष जांच―

इधर सोमवार मामले की गंभीरता देख नीमच पहुँचे उज्जैन डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि, हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह की आत्महत्या का मामला गंभीर हैं। जिसकी तथ्यों के आधार पर अधिकारियों से जांच कराई जाएगी। और जिसने भी लापवाही की हैं उसपर कार्यवाही की जाएगी। सुसाइड नोट की भी बारीकी से जांच की जाएगी।

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