गर्मी में प्यासे शहर को नहीं मिल रहा पानी, जिम्मेदारों की लापरवाही ने जनसुविधाओं को बना दिया मजाक
नीमच। शहर में गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है। शनिवार दोपहर तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे आमजन का हाल बेहाल है। एक ओर नगर पालिका और समाजसेवी संस्थाएं राहत के लिए जगह-जगह जल मंदिर और प्याऊ स्थापित कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
शहर के प्रमुख मार्ग पर, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने स्थित आदिनाथ जल मंदिर, जिसे पीतलिया परिवार द्वारा भीषण गर्मी में राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया था, आज बदहाली का शिकार नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि जल मंदिर में पानी तो दूर, देखरेख तक नदारद है—और यह केवल नाम का जल मंदिर बनकर रह गया है।

स्थिति यहीं नहीं रुकती। जल मंदिर के पीछे नगर पालिका के सहयोग से जैन सोशल ग्रुप संस्कार द्वारा बनाया गया माणक यात्री प्रतीक्षालय, जो यात्रियों को धूप और गर्मी से राहत देने के लिए बनाया गया था, अब अपनी मूल पहचान खो चुका है। रखरखाव के अभाव में यह स्थान नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। चारों ओर फैली गंदगी, टूटी-फूटी व्यवस्था और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से यहां रुकना तो दूर, गुजरना भी मुश्किल हो गया है।






