सरवानियां महाराज। प्रकृति संस्कृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने व सुर्य उपासना करने का पर्व है मकर संक्रान्ति। इस दिन कई लोग अपने अपने हिसाब से सेवा कार्य करते हुए इस पर्व को मनाते हैं युवा गिल्ली डंडा का खेल खेलते हैं तो बच्चे पतंग उड़ाते हैं और दानदाता दान आदि करते हैं। लेकिन इन सब के बीच शहर में एक दल ऐसा भी है जिसने गो वंश व पिड़ित मानवता कि सेवा के लिए आह्वान कर गो वंश के लिए एक क्विंटल की गैहू दलिया और गुड़ की लापसी , 200 पूले हरी घास व पिड़ित मानवता के लिए 1क्विंटल 50 किलों की खिचड़ी जुटा कर वितरण किया। जी हां सेवा जज्बा और जुनून इस कदर सवार है गो रक्षा दल के कार्यकर्ताओं पर कि उन्होंने मकर संक्रान्ति पर शहर की गली गली में गुम गुम कर गो वंश को लापसी और हरी घास खिलाई और मोड़ी माता संस्थान और सिविल अस्पताल में रोगियों को खिचड़ी वितरण की । गो रक्षा दल ने गऊ नंदी धाम उपचार शाला पहुंच कर भी गो वंश की सेवा की।
ऐसे जुटाई सामग्री और घास
गो रक्षा दल सरवानिया महाराज ने मंगलवार को सुबह एक मेसेज शहर के वाट्सएप ग्रुपों में शेयर कर मकर संक्रान्ति पर गो वंश और पिड़ित मानवता के लिए लापसी और हरी घास और खिचड़ी के लिए दुध शक्कर गुड़ सामग्री के साथ साथ दान राशि देने का आह्वान किया था जिसपर दानदाताओं ने मुक्त हस्त से सहयोग किया। जिसके चलते आज लापसी खिचड़ी हरी घास गो वंश और पिड़ित मानवता की सेवा में वितरण किया जा सका। गो रक्षा दल ने सभी दानदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।
मूक पशु चिकित्सा सेवा में भी अग्रणी
गो रक्षा दल मूक पशुओं की चिकित्सा सेवा भी करता है। बिमार एक्सीडेंट और चोट लगे डिटेन किए गए मूक पशुओ और गो वंश की चिकित्सा सेवा भी दल के लोग खुद ही करते हैं। दवाईयां और आवश्यक उपचार सामग्री भी दल अपने स्वयं के व्यय पर या दानदाताओं से अरेंज करता है। लेकिन बिमार पशुओं की देखभाल और सेवा करना भी अपने आप में बिरला काम ही है।
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