नीमच। रतनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम आलोरी गरवाड़ा में 13 अगस्त को हुए दिनदहाड़े हमले के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर अधूरी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। घायल पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित सुनील चारण (46) निवासी आलोरी गरवाड़ा के अनुसार, उनका भांजा भूपेन्द्र चारण मजदूरी के सिलसिले में कंबल का काम करता है, जिससे कुछ विपक्षी लोग नाराज़ हैं। पहले भी उसे गांव में आने पर टांग तोड़ने की धमकी दी गई थी।
सुनील चारण ने बताया कि 13 अगस्त को भूपेन्द्र जब आलोरी गरवाड़ा से निम्बाहेड़ा की ओर जा रहा था, तभी रास्ता रोककर उसकी बाइक की चाबी छीनी गई और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे, तो विपक्षीगण—सोदान पिता टीलाराम चारण, ओमप्रकाश पिता सोदान, नरेन्द्र पिता पारसमल, राहुल पिता पारसमल, कैलाश पिता कन्हैयालाल और श्यामलाल पिता कन्हैयालाल—ने उन पर भी हमला कर दिया। इसमें उनके हाथ में गंभीर चोटें आईं और बेटे ध्रुव के सिर पर गहरी चोट लगी। दोनों फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
पीड़ित का कहना है कि घटना का वीडियो होने के बावजूद पुलिस ने सिर्फ 4 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया, जबकि अन्य नामजद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस कप्तान से गुहार लगाई है कि सभी आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
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