नीमच। बाबा महाकाल की नगरी के बाद अब नीमच में भी भोलेनाथ की भक्ति का रंग गहराने वाला है। सोमवार, 17 अगस्त 2026 को नीमच के प्रसिद्ध श्री किलेश्वर महादेव अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए शाही सवारी के रूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। युवा समाजसेवी अरुल अरोरा (गंगानगर) और मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित यह शाही सवारी आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम होगी, जो पूरे शहर को शिवमय बना देगी।
भोले के जयकारों से गूंजेगा नीमच
शाही सवारी का आगाज़ शाम चार बजे मंदिर परिसर से होगा। दिव्य रथ पर विराजित श्री किलेश्वर महादेव का काफिला रेलवे स्टेशन और मंडी रोड होते हुए ज्ञान मंदिर कॉलेज पहुँचेगा। यहाँ युवा समाजसेवी अरुल अरोरा द्वारा विद्वान पंडितों के सानिध्य में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद भव्य शाही सवारी का मुख्य पड़ाव शुरू होगा।
मार्ग पर भव्य स्वागत की तैयारी
शाही सवारी पुस्तक बाजार, नयाबाजार, फव्वारा चौक, टैगोर मार्ग और फोर जीरो चौराहा होते हुए पुनः श्री किलेश्वर महादेव मंदिर पहुँचेगी, जहाँ इसका समापन होगा। सवारी मार्ग के हर मोड़ पर सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और शहर के हर वर्ग द्वारा महादेव का भव्य स्वागत करने की तैयारी है।
शाही सवारी की खास झांकियां, आकर्षण का केंद्र
इस बार की शाही सवारी में बाबा की बारात और आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी। ढोल-नगाड़ों की थाप और शिवभक्ति के जयकारों के बीच 17 से अधिक झांकियां शामिल होंगी।
सांस्कृतिक भव्यता: मेरठ की केरला झांकी, कलकत्ता की झांकी और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी। दिव्य स्वरूप: बाहुबली हनुमान, बाहुबली शंकर, नरमुंड (साउंड व फोकस के साथ), और नंदी के साथ अघोरी की विशेष प्रस्तुति।
संगीत और भक्ति: फोकस बैंड, नासिक के ढोल, झांझ पार्टी और गंगा आरती की विशेष झांकी।
तकनीकी साज-सज्जा: शाही रथ के साथ जनरेटर और विशेष फोकस लाइट्स के माध्यम से झांकियों को जीवंत रूप दिया जाएगा।
सोमवार को नीमच की सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा, जहाँ हर कोई बाबा महाकाल की एक झलक पाने और उनके आशीर्वाद का साक्षी बनने के लिए बेताब रहेगा।