ज्यादा मुनाफे के झांसे के पीछे फर्जी खातों का नेटवर्क,  नीमच पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 62 ATM कार्ड, चेकबुक और लैपटॉप जप्त, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर होती थी ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

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नीमच। शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने, ट्रेडिंग के टिप्स देने और कम समय में रकम बढ़ाने का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का नीमच पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए लोगों को निवेश के जाल में फंसाकर फर्जी बैंक खातों में रकम जमा करवाने के आरोप में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को भरोसे में लेता था और ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों के जरिए हासिल करता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 62 एटीएम कार्ड, 9 पासबुक, 8 चेकबुक, 8 मोबाइल फोन, एक एटीएम स्वैप मशीन, एक लैपटॉप, एक मैकबुक, एक हुंडई ऑरा कार और 51,500 रुपये नकद जब्त किए हैं। मामले में अन्य बैंक खातों और उनके इस्तेमाल की भूमिका की जांच जारी है।

फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया और मुनाफे का लालच

पुलिस के मुताबिक, आरोपी www.moneygrow.live नाम की वेबसाइट के जरिए शेयर ट्रेडिंग में बेहतर टिप्स और अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देते थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फोन कॉल के माध्यम से आम लोगों से संपर्क कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद ठगी से प्राप्त रकम कथित तौर पर फर्जी म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी।

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों के बैंक खातों की किट, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जुटाकर उन्हें आगे पहुंचाते थे। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने और निकालने में किया जाता था। पुलिस अब जब्त बैंकिंग दस्तावेजों की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने खाते जुड़े हैं और ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई।

I4C के इनपुट से खुला मामला, चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, 16 और 17 अक्टूबर 2026 को इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से प्राप्त तकनीकी जानकारी और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। बैंक खातों और एटीएम से रकम निकासी की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने निखिल कुमावत, पिता राधेश्याम कुमावत, निवासी ग्राम कचोली, थाना जीरन, जसवंत कुमावत, पिता रमेशचंद्र कुमावत, निवासी ग्राम कचोली, थाना जीरन, दीपक मेघवाल, पिता राधेश्याम मेघवाल, निवासी ग्राम कचोली, थाना जीरन को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अल्केश पंवार, पिता जितेंद्र पंवार, निवासी स्टार सिटी कॉलोनी, महू रोड को भी अभिरक्षा में लिया। पुलिस का आरोप है कि अन्य आरोपी बैंक खातों की किट अल्केश पंवार तक पहुंचाते थे और इन खातों में धोखाधड़ी से प्राप्त रकम जमा करवाई जाती थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंकिंग दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जब्ती की।

इस मामले में थाना नीमच सिटी पर अपराध क्रमांक 555/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66D में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।

ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0 के तहत कार्रवाई

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रदेशभर में ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0’ चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के अधीन I4C और NCRP पोर्टल से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों तथा एटीएम निकासी से जुड़े इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीमच राजेश व्यास के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल और नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के मार्गदर्शन में साइबर सेल तथा नीमच सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सागरिया और साइबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक प्रदीप शिंदे ने किया।

अब इन बैंक खातों के धारकों, खातों में जमा हुई संदिग्ध रकम, एटीएम से निकासी और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक शिवराज सिंह, उप निरीक्षक शिशुपाल सिंह, प्रधान आरक्षक अजीत सिंह, प्रशांत जयंत, आदित्य गौड़, नीरज साहू, आरक्षक लखन प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, लक्की शुक्ला, राजेश चौधरी और महिला आरक्षक मोनिका परिहार सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों का योगदान रहा।

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