राधादेवी रामचंद्र मंगल कॉलेज के फार्मेसी स्टूडेंट्स ने किया गवर्नमेंट ओपियम एंड अल्कलॉइड वर्क्स का ऐतिहासिक इंडस्ट्रियल विजिट: 90 साल की विरासत और फार्मा करियर के नए आयामों से हुए रूबरू

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नीमच। फार्मेसी शिक्षा को किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में राधादेवी रामचंद्र मंगल कॉलेज भाटखेड़ा द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की गई। इसके अंतर्गत कॉलेज के बी.फार्मा के 40 विद्यार्थियों ने सोमवार को नीमच स्थित प्रतिष्ठित गवर्नमेंट ओपियम एंड अल्कलॉइड वर्क्स (GOAW) का औद्योगिक भ्रमण किया। इस विजिट का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मास्यूटिकल उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली, औषधीय उत्पादन की प्रक्रियाओं तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था। यह भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान को औद्योगिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।

90 वर्षों की गौरवशाली विरासत और औद्योगिक योगदान को जाना

औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गवर्नमेंट ओपियम एंड अल्कलॉइड वर्क्स की लगभग नौ दशक पुरानी ऐतिहासिक विरासत और देश के औषधीय उत्पादन क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को बताया गया कि यह प्रतिष्ठित संस्थान 1 अप्रैल 1935 से संचालित है। इसके साथ ही उन्होंने 6 अक्टूबर 1976 से प्रारंभ हुई एल्कलॉइड यूनिट की स्थापना, विकास, कार्यप्रणाली और औद्योगिक महत्व के बारे में भी विस्तार से जाना।

मॉर्फीन और कोडीन जैसे महत्वपूर्ण औषधीय घटकों की मिली जानकारी

विजिट का प्रमुख आकर्षण संस्थान में निर्मित होने वाले विभिन्न औषधीय एल्कलॉइड्स और उनके फार्मास्यूटिकल उपयोगों की जानकारी रही। विद्यार्थियों को Morphine Sulphate, Codeine Phosphate, Thebaine, Noscapine एवं Papaverine जैसे महत्वपूर्ण औषधीय घटकों के बारे में विस्तार से बताया गया। इन घटकों के चिकित्सकीय उपयोग, औषधि निर्माण में उनकी भूमिका तथा फार्मास्यूटिकल उद्योग में उनके महत्व को समझाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को औषधीय कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की औद्योगिक यात्रा को समझने का अवसर मिला।

कच्चे माल से अंतिम उत्पाद तक की निर्माण प्रक्रिया का किया अध्ययन

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने औद्योगिक उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें निम्नलिखित प्रमुख प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई:

रॉ मटेरियल एवं एक्सट्रैक्शन: कच्चे माल की प्राप्ति, भंडारण, गुणवत्ता जांच एवं औद्योगिक निष्कर्षण प्रक्रिया की जानकारी।
सेपरेशन एवं प्यूरिफिकेशन: विभिन्न एल्कलॉइड्स को अलग करने तथा उनकी शुद्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रियाओं का अध्ययन।
मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस: औषधीय घटकों के औद्योगिक प्रसंस्करण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पादन की जानकारी।
क्वालिटी कंट्रोल एवं क्वालिटी एश्योरेंस: उत्पादों की गुणवत्ता, शुद्धता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में QC और QA की महत्वपूर्ण भूमिका को समझना।
इंडस्ट्रियल सेफ्टी एवं रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स: फार्मास्यूटिकल उद्योग में औद्योगिक सुरक्षा प्रक्रियाओं और नियामक मानकों के अनुपालन का महत्व।
इस दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि फार्मास्यूटिकल उद्योग में प्रत्येक उत्पादन चरण पर गुणवत्ता, शुद्धता, सुरक्षा और निर्धारित नियामक मानकों का पालन कितना आवश्यक होता है। इस व्यावहारिक अनुभव ने उन्हें कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों से जोड़ने में मदद की।

चेयरमैन श्री संजय मंगल ने की शैक्षणिक पहल की सराहना

संस्थान के चेयरमैन श्री संजय मंगल ने इस औद्योगिक भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने से उन्हें भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों और अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।

प्राचार्य डॉ. कल्पना पाटीदार ने बताया—इंडस्ट्री-रेडी फार्मा प्रोफेशनल तैयार करना संस्थान का लक्ष्य

कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कल्पना पाटीदार ने बताया कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कार्यप्रणाली के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, व्यावहारिक दक्षता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से इंडस्ट्रियल विजिट्स, विशेषज्ञ व्याख्यान एवं विभिन्न करियर-ओरिएंटेड गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। संस्थान का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, योग्य और फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम प्रोफेशनल के रूप में तैयार करना है।

विद्यार्थियों के लिए रहा ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव-

गवर्नमेंट ओपियम एंड अल्कलॉइड वर्क्स का यह औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। इसके माध्यम से उन्हें फार्मास्यूटिकल उद्योग की कार्यप्रणाली, औषधीय एल्कलॉइड्स के उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला। साथ ही, इस विजिट ने विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में उपलब्ध औद्योगिक एवं करियर संभावनाओं के प्रति जागरूक किया।

राधादेवी रामचंद्र मंगल कॉलेज द्वारा आयोजित यह पहल गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने तथा विद्यार्थियों को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक सराहनीय कदम रही।

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