पर्चियों पर अंक, लाखों के दांव, चौराहे पर खुलेआम अवैध सट्टे का साम्राज्य, कालू-कादिर की जोड़ी चर्चा में, रोजाना सजती हैं महफ़िल, मिष्ठान भंडार बना पर्ची लिखने का ठिया, आखिर किसका हैं संरक्षण

Spread the love

नीमच। शहर के एक भाले वाले योद्धा के चौक पर कथित तौर पर अंक सट्टा लंबे समय से संचालित होने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के दावों पर गौर करें तो यहां रोजाना सटोरियों की महफिल सजती है, पर्चियों पर अंकों की एंट्री होती है और हार-जीत के दांव लगाए जाते हैं। हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि जिस स्थान पर यह गतिविधियां चलने की चर्चा है, वह संबंधित थाने से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस गतिविधि की जानकारी जिम्मेदारों तक नहीं पहुंच रही, या फिर पूरे मामले में कार्रवाई की प्रभावशीलता की समीक्षा की जरूरत है?

पर्चियों पर एंट्री, ठिकानों पर जमावड़ा और दिनभर का खेल

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिया के पास स्थित मिष्ठान भंडार, होटल और चाय की टपरी के नजदीक कुछ लोगों का नियमित जमावड़ा लगता है। इसी जमावड़े के बीच पर्चियों पर अंकों की एंट्री करने और दांव लगाने का काम होता है। दिनभर पर्चियां लिखने, अंकों की जानकारी एक-दूसरे तक पहुंचाने और हार-जीत के हिसाब-किताब का सिलसिला चलता रहता है।

कालू―कादिर की जोड़ी चर्चाओं में

इस अंक सट्टा नेटवर्क को लेकर स्थानीय स्तर पर कादिर और कालू नाम के व्यक्तियों की भूमिका की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे खेल के संचालन में इनकी अहम भूमिका है और यहां बड़े स्तर पर रकम का लेन-देन होता है। और इसके पीछे ओर भी सक्रिय सटोरियों के नाम जल्द सामने आएंगे।

सूत्रों के हवाले से यह दावा भी किया जा रहा है कि सट्टेबाजों के बैठने के लिए इस्तेमाल होने वाले ठिये पर प्रतिदिन 500 से 1000 रुपये दिए जाते हैं। इस पूरे मामले का सबसे चौकाने वाला सच संरक्षण व्यवस्था को लेकर किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस गतिविधि का सिस्टम सेट करने के पीछे बिना वर्दी वाले का हाथ हैं? सूत्रों की माने तो इस अवैध कारोबार को बिना बाधा चलाने के लिए हर महीने बड़ी रकम बांटी जाती हैं।

दबिश होती है तो क्या सिर्फ औपचारिकता तक सिमट जाती है कार्रवाई?

अंक सट्टे के अवैध कारोबार की जानकारी थाने तक पहुंचती है, तो कभी-कभार दबिश की कार्रवाई होती है, लेकिन इसके बावजूद गतिविधियों के दोबारा शुरू होने की चर्चाएं बनी रहती हैं। शहर में अंक सट्टे के इस नेटवर्क को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब केवल चर्चाओं से नहीं, बल्कि ठोस जांच से ही मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: क्रप्या न्यूज़ कॉपी न करे अन्यथा आपको DMCA दिया जाएगा