नीमच। जिले में भूजल संरक्षण को लेकर प्रशासन भले ही सख्त दिखाई दे रहा हो, लेकिन ज़मीन पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा जिलेभर में ट्यूबवेल खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद शहर के बीचों-बीच खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। हैरानी की बात यह है कि अवैध ट्यूबवेल खनन का यह पूरा खेल कलेक्टर कार्यालय से महज 800 मीटर दूरी पर रात के अंधेरे में चल रहा था।
मामला भोलियावास रोड स्थित भाजपा नेता संतोष चौपड़ा की आनंद विहार कॉलोनी का है, जहां बुधवार रात करीब 8 बजे चोरी-छिपे बोरवेल मशीन चलाकर ट्यूबवेल खनन किया जा रहा था। मौके पर रामेश्वरम बोरवेल की मशीन एक प्लॉट में गहराई तक बोरिंग कर रही थी। प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद रात में मशीनों का संचालन कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जब मामले को लेकर रामेश्वरम बोरवेल के संचालक सुयश ऐरन से चर्चा की गई तो उन्होंने दावा किया कि विजय दुआ के नाम से 200 फीट तक ट्यूबवेल खनन की अनुमति प्राप्त है। लेकिन जब उनसे अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध परमिशन प्रस्तुत नहीं कर सके।
इधर मामले में एसडीएम संजीव साहू ने साफ तौर पर कहा कि उनके विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की ट्यूबवेल खनन अनुमति जारी नहीं की गई है। उन्होंने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार अजेंद्र नाथ प्रजापत मौके पर पहुंचे। जहां तत्काल बोरवेल मशीन बंद करवाई गई और मशीन को जप्त कर कैंट थाने में खड़ा कराया गया। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद शहर के बीचों-बीच रात में अवैध ट्यूबवेल खनन कैसे चल रहा था? आखिर किसके संरक्षण में अवैध ट्यूबवेल खनन किया जा रहा था?
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