नीमच। जिले में शासकीय जमीन, राजस्व रिकॉर्ड और सीमांकन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम गिरदौड़ा के सर्वे नंबर 610 में शासकीय नाले पर कथित कब्जे और शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में दर्शाए जाने के आरोप लगाते हुए एक शिकायत जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में सौंपी गई है। शिकायतकर्ता उमाकांत पुरोहित ने पूरे मामले में हल्का पटवारी प्रदीप बैरागी और तत्कालीन तहसीलदार नीमच प्रेमशंकर पटेल की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सर्वे नंबर 610 में पेट्रोल पंप निर्माण के लिए जारी की गई एनओसी को निरस्त करने की मांग भी की गई है।
पुराने आदेश के बावजूद दोबारा बंटांकन का आरोप
कलेक्टर को 1 सितंबर 2026 को दिए गए आवेदन में शिकायतकर्ता ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय नीमच के पुराने प्रकरण क्रमांक 146/बी-12/2001-2002 तथा प्रकरण क्रमांक 1/ई-5/95-96 में पारित आदेश दिनांक 12 अगस्त 1996 के अनुसार नक्शा तरमीम की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद तहसीलदार नीमच के आदेश क्रमांक 118 आर-1/2002, दिनांक 17 मई 2002 के पालन में भी संबंधित नक्शा तरमीम की गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब पुराने आदेशों के अनुसार बंटांकन और नक्शा तरमीम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो फिर तहसीलदार न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 142/अ-3/2023-24 में 20 फरवरी 2024 को दोबारा बंटांकन का आदेश कैसे पारित किया गया? शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी प्रक्रिया के तहत सर्वे नंबर 610 के राजस्व रिकॉर्ड एवं नक्शे में दोबारा बंटांकन और नक्शाकर्मी संबंधी दुरुस्ती कर दी गई।

